Kriya Visheshan Avyay Kise Kahate Hain -क्रिया विशेषण अव्यय की परिभाषा, भेद और उदाहरण 

Hindi Grammar

 Kriya Visheshan Avyay In Hindi – क्रिया विशेषण यह एक ऐसा विषय है जो हिंदी व्याकरण में बहुत महत्व रखते हैं हर प्रतियोगी परीक्षाओं में इस विषय से संबंधित सवाल हमेशा आते हैं जो छात्र पढ़ना चाहते हैं की Kriya Visheshan Avyay Kise Kahate Hain, वह इस पोस्ट Kriya Visheshan Avyay In Hindi को पूरा पढ़ सकते हैं। 

Definition Of Kriya Visheshan Avyay In Hindi -क्रिया विशेषण अव्यय की परिभाषा

Kriya Visheshan Avyay में वह शब्द जिसे क्रिया की विशेषता का बोध हो उसे क्रिया विशेषण अवयव कहते हैं।  सरल शब्दों में कह सकते हैं कि जब किसी भी शब्द में क्रिया की विशेषता का बोध होता है उन्हें ही Kriya Visheshan Avyay कहते हैं इसमें क्रिया की विशेषण का अन्य क्रिया विशेषता का भी पता चलता है। 

Types Of  Kriya Visheshan Avyay  In Hindi – क्रिया विशेषण अव्यय के भेद

क्रिया विशेषण अवयव के तीन भेद होते हैं, जिन्हें आगे तीन भागों में विभाजित किया गया है। 

  1. अर्थ के आधार पर 
  2. उपयोग के आधार 
  3. रूप के आधार पर

अर्थ के आधार पर क्रिया विशेषण अवयव के भेद

  • कालवाचक क्रिया-विशेषण अव्यय
  • स्थानवाचक क्रिया-विशेषण अव्यय
  • रीतिवाचक क्रिया-विशेषण अव्यय
  • परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण अव्यय

कालचक्र क्रिया विशेषण अवयव : वह शब्द जिसमें क्रिया के समय की विशेषता का बोध होता है उसे कालचक्र क्रिया विशेषण अवयव कहते हैं, उदाहरण के लिए आजकल, सुबह, रात, शाम आदि। 

स्थान वाचक क्रिया विशेषण अवयव : क्रिया विशेषण में वह शब्द जिस में क्रिया के किसी स्थान का बोध हो उन्हें स्थान वाचक क्रिया विशेषण अवयव कहते हैं जैसे कि उदाहरण के लिए यहां इधर-उधर, ऊपर, नीचे, बाहर अंदर आदि। 

रीतिवाचक क्रिया विशेषण अव्यय : क्रिया के वह शब्द जिसमें किसी प्रकार की रीति, विधि जिसे आप एक रस्म भी कह सकते हैं उसकी विशेषता का बोध हो तो उसे रीति वाचक क्रिया विशेषण अवयव कहते हैं उदाहरण के लिए बहुत तेज, ठीक-ठाक और ध्यान पूर्वक आदि। 

परिमाण वाचक क्रिया विशेषण अवयव : वह शब्द जिसमें क्रिया की मात्रा और परिणाम का बोध हो तो उसे परिमाण वाचक क्रिया विशेषण अवयव कहा जाता है उदाहरण के लिए बहुत ज्यादा, बिल्कुल, थोड़ा सा, कम आदि। 

प्रयोग के आधार पर क्रिया विशेषण अवयव के भेद

  • साधारण क्रिया-विशेषण अव्यय
  • संयोजक क्रिया-विशेषण अव्यय
  • अनुबद्ध क्रिया-विशेषण अव्यय

क्रिया विशेषण अवयव उपयोग के आधार पर देखा जाए तो उन्हें तीन भागों में विभाजित किया गया है जिसे आप नीचे पढ़ सकते हैं :

साधारण क्रिया विशेषण अवयव : जिन पद रचनाओं में क्रिया विशेषण का उपयोग स्वतंत्र रूप से होता है उसे साधारण क्रिया वाचक विशेषण अवयव कहते हैं, उदाहरण के लिए यहां, वहां, जल्दी, कब आदि। 

संयोजक क्रिया विशेषण अवयव : क्रिया के वह वाक्य जिसमें विशेषण का संबंध किसी उपवाक्य से हो, तो उसे संयोजक क्रिया में विशेषण अवयव कहते हैं, उदाहरण के लिए जब, तब, वहां आदि। 

अनुबद्ध क्रिया विशेषण अवयव : वह क्रियाएं जिसमें विशेषण का उपयोग किसी निश्चय जैसे शब्दों के लिए होता है उसे अनुबद्ध प्रक्रिया विशेषण अवयव कहते हैं, उदाहरण के लिए तक, भर आदि। 

रूप के आधार पर क्रिया विशेषण अवयव के भेद

क्रिया विशेषण अवयव को रूप के आधार पर तीन भागों में विभाजित किया गया है जो नीचे लिस्ट में दिए गए हैं

  • मूल क्रिया-विशेषण अव्यय
  • यौगिक क्रिया-विशेषण अव्यय
  • स्थानीय क्रिया-विशेषण अव्यय

Conclusion : क्रिया विशेषण अवयव संबंधित से सभी जानकारी इस पेज पर बताई गई है जो छात्रों के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण टॉपिक है वह यहां से क्रिया विशेषण अवयव की परिभाषा, भेद और नियम को जान सकते हैं। 

FAQs About  Kriya Visheshan Avyay In Hindi

Q1. क्रिया विशेषण अव्यय क्या होते हैं ?

Ans : वह शब्द जिसमें क्रिया की विशेषता का बोध हो, उसे क्रिया विशेषण अवयव कहते हैं। 

Q2.क्रिया विशेषण अव्यय को कितने भागों में विभाजित किया है ?

Ans : क्रिया विशेषण अवयव को तीन रूपों में विभाजित किया गया है अर्थ के आधार पर, रूप के आधार पर और प्रयोग के आधार पर। 

Q3. अर्थ के आधार पर क्रिया विशेषण अव्यय कितने प्रकार के है ?

Ans : अर्थ के आधार पर क्रिया विशेषण अव्यय चार प्रकार के होते है। 

  • कालवाचक क्रिया-विशेषण अव्यय
  • स्थानवाचक क्रिया-विशेषण अव्यय
  • रीतिवाचक क्रिया-विशेषण अव्यय
  • परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण अव्यय

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