संज्ञा किसे कहते हैं । संज्ञा के भेद, परिभाषा, उदाहरण

हिंदी व्याकरण में संज्ञा का बहुत महत्व है, जबसे हमें स्कूल में हिंदी पढाया जाने लगा उसी समय से हमें संज्ञा के बारें में बताया जाने लगा था. चूँकि हिंदी भाषा का सम्पूर्ण ज्ञान काफी मुश्किल है लेकिन अगर हम हिंदी पढना या पढाना शुरू करते है तो सबसे पहले संज्ञा के बारें में पढ़ाते हैं. आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम संज्ञा किसे कहते है और इसके भेद कौन-कौनसे है उनके बारें में हम विस्तार से बतायेंगे. 

“संज्ञा ही हमें किसी वस्तु,स्थान,जाति-धर्म और गुण के बोध करवाती है. इसलिए हम सभी को संज्ञा की परिभाषा एंव संज्ञा से जुड़ी अनेक जानकारियां रखनी आवश्यक है. हम उम्मीद करते है हमारा यह प्रयास आपको पसंद आएगा.” 

संज्ञा की परिभाषा 

हिंदी व्याकरण के अनुसार संज्ञा की परिभाषा इस तरह है “किसी जाति, द्रव्य, गुण, भाव, व्यक्ति, स्थान के नाम को संज्ञा कहा जाता है.” साधारण तौर पर हम यह कह सकते हैं की जो शब्द किसी व्यक्ति विशेष एंव वस्तु की जाति,गुण एंव भाव को प्रकट करते हो वह शब्द संज्ञा होते हैं. जैसे – राहुल (व्यक्ति का नाम), फूल (जाति), महक (भाव) , मीठा (गुण) एंव घी (द्रव्य). 

संज्ञा के प्रकार

हिंदी व्याकरण के अनुसार संज्ञा के 5 प्रकार होते हैं – 

  1. व्यक्तिवाचक संज्ञा 
  2. जातिवाचक संज्ञा 
  3. समूहवाचक संज्ञा 
  4. द्रव्यवाचक संज्ञा 
  5. भाववाचक संज्ञा

व्यक्तिवाचक संज्ञा की परिभाषा 

“वे संज्ञा शब्द जो किसी विशेष व्यक्ति, स्थान एंव वस्तु के नाम का बोध करवाते हो, उन्हें व्यक्तिवाचक संज्ञा कहा जाता है.” जैसे – भारत, दिल्ली, अमेरिका, महाभारत, कृष्ण इत्यादि. इन शब्दों से व्यक्ति, स्थान और वस्तु के नाम का बोध होता है. ऐसे शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञा की श्रेणी में आते हैं. 

व्यक्तिवाचक संज्ञा के उदाहरण – 

  • भारत देश है. 
  • दिल्ली हमारे देश की राजधानी है. 
  • राम नाम काफी चर्चित है. 
  • अमेरिका काफी शक्तिशाली देश है. 

जातिवाचक संज्ञा की परिभाषा 

“वे संज्ञा शब्द जो किसी प्राणी एंव वस्तु की समस्त जाति का बोध करवाते है उन शब्दों को जातिवाचक संज्ञा की श्रेणी में रखा गया है.” जैसे – गधा, मानव, पेड़, पुष्प इत्यादि शब्द प्राणी या वस्तु की जाति का बोध करवाते हैं. 

जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण – 

  • घोड़े काफी तेज दौड़ते हैं. 
  • यह फल अमरुद का है. 
  • मनुष्य किसी भी कार्य को करने के लिए दिमाग का उपयोग करता है. 
  • वह ब्राह्मण है. 

समूहवाचक संज्ञा की परिभाषा 

“वे संज्ञा शब्द जो किसी व्यक्ति एंव वस्तु के समूह का बोध करवाते हो उन संज्ञा शब्दों को समूहवाचक संज्ञा की श्रेणी में रखा जाता है”. जैसे – सेना, पुलिस, परिवार, कक्षा, भीड़ इत्यादि शब्द समूहवाचक संज्ञा की श्रेणी में आते हैं. 

समूहवाचक संज्ञा के उदाहरण – 

  • सेना हमेशा देश की रक्षा में आगे रहती है. 
  • पुलिस द्वारा लोगों पर अत्याचार आम बात है. 
  • तुम्हारा परिवार पढ़ा-लिखा है या नहीं ?. 
  • अंकित 11वीं कक्षा में पढता है. 
  • ज्यादा भीड़ करने पर पुलिस वाले डंडे मारते हैं. 

द्रव्यवाचक संज्ञा की परिभाषा 

“वे संज्ञा शब्द जो किसी द्रव्य का बोध करवाते है उन्हें द्रव्यवाचक संज्ञा की श्रेणी में रखा जाता है.” जैसे – पानी, सोना, घी, तेल, चांदी इत्यादि संज्ञा शब्द द्रव्यवाचक संज्ञा की श्रेणी में आते है. 

द्रव्यवाचक संज्ञा के उदाहरण – 

  • गाय के दूध से बना घी काफी अच्छा होता है. 
  • पानी आजकल पीने लायक नहीं रहा.
  • अगर लोहे को जंग लग जाए तो वह खराब होने लगता है. 
  • सोना हमेशा चमकता रहता है. 
  • बालों के लिए सरसों का तेल काफी फायदेमंद होता है. 

भाववाचक संज्ञा की परिभाषा 

“वे संज्ञा शब्द जो पदार्थ की अवस्था, गुण-दोष,भाव, दशा का बोध करवाते हैं, उन संज्ञा शब्दों को भाववाचक संज्ञा की श्रेणी में रखा जाता है.” जैसे – पतला, मिठास, बुढापा, थकावट, कड़वा इत्यादि शब्द भाववाचक संज्ञा की श्रेणी में आते हैं. 

भाववाचक संज्ञा के उदाहरण – 

  • राहुल काफी दुबला-पतला है.
  • रात को लेट तक ना सोने के कारण सुबह थकावट महसूस होती है. 
  • नींबू हमेशा खट्टा ही होता है. 
  • जब हम किसी बच्चे को देखते है तो हमें हमारा बचपन याद आता है. 
  • जब मैं किसी भिखारी को देखता हूँ तो मुझे उसपर दया आती है. 

निष्कर्ष 

हमने यहाँ आपको संज्ञा क्या है एंव संज्ञा के 5 भेद के बारें में विस्तार से बताया है. अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा है और संज्ञा किसे कहते है इसे समझने में मदद मिली है तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें. संज्ञा से जुड़ा अगर कोई प्रश्न आपके दिमाग में है तो आप यहाँ कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं. हम आपकी मदद करने का प्रयास जरुर करेंगे. 

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