Upvakya Kise Kahate Hain –  उपवाक्य की परिभाषा, भेद और उदाहरण

Hindi Grammar

Upvakya In Hindi – आज हम यहां पर वाक्य के अंश के बारे में बात करने वाले हैं जिसका नाम है Upvakya क्या आप जानते हैं उपवाक्य क्या है ? यदि नहीं तो आप इस पोस्ट Upvakya In Hindi को अंत तक पढ़ सकते हैं जहां पर आपको जानने को मिलेगा Upvakya Kise Kahate Hain, Upvakya के कितने भेद होते हैं और उनकी विशेषताएं तथा पहचान क्या है। 

Definition Of Upvakya In Hindi – उपवाक्य की परिभाषा

उपवाक्य उसे कहते हैं जो वाक्य का अंश होता है उपवाक्य में विधेय और उद्देश्य सम्मिलित होते हैं उपवाक्य पदों का एक ऐसा समूह होता है जिसमे अपना अर्थ होता है उपवाक्य में आपको उद्देश्य और विधेय शामिल मिलते हैं वही Upvakya कहलाते हैं। 

सरल शब्दों में जो पदों के आंशिक भाव को प्रकट करते हैं उन्हें उपवाक्य कहते हैं Upvakya में क्रिया और कर्ता का होना जरूरी होता है उपवाक्य के पहले पद में आपको क्योंकि, यदि, जो, जितना, जब, जहां शब्द पढ़ने को मिलते हैं। 

उपवाक्य के उदाहरण –  राम स्कूल नहीं गया, क्योंकि वह बीमार है। 

ऊपर दिए वाक्य में आप देख सकते हैं कि क्योंकि शब्द का इस्तेमाल हुआ है जो की उपवाक्य का बड़ा उदाहरण है। 

Types Of Upvakya In Hindi – उपवाक्य के भेद 

  • प्रधान उपवाक्य
  • आश्रित उपवाक्य

प्रधान उपवाक्य : वह उपवाक्य जो वाक्य पदों से अलग होकर उनका पूरा अर्थ प्रकट करते हैं या उन्हें व्यक्त करते हैं उसे प्रधान उपवाक्य कहते हैं उपवाक्य का अर्थ किसी अन्य पर आश्रित नहीं होता यह प्रधान Upvakya की पहचान है। 

उदाहरण के लिए – विराट ने कहा है कि कल वह ऑफिस नहीं जाएगा। 

आश्रित उपवाक्य : वह उपवाक्य जो प्रधान उपवाक्य के बिना पूरा अर्थ को नहीं प्रकट करते उन्हें आश्रित उपवाक्य कहते हैं अर्थात जो मुख्य अर्थ ना व्यक्त करें वह आश्रित उपवाक्य कहलाते हैं 

उदाहरण के लिए – यदि कार आ जाए, तो मैं जाऊंगा। 

आश्रित उपवाक्य के भेद

  1. संज्ञा उपवाक्य
  2. विशेषण उपवाक्य
  3. क्रिया विशेषण उपवाक्य

संज्ञा उपवाक्य : संज्ञा उपवाक्य में आश्रित उपवाक्य प्रधान उपवाक्य की क्रिया कर्ता, कर्म और क्रिया पूरक के रूप में उपयोग होते हैं इसे ही संज्ञा उपवाक्य कहते हैं। संज्ञा उपवाक्य के प्रथम पदों में कि जैसे शब्दों का उपयोग होता है। 

विशेषण उपवाक्य : वे आश्रित उपवाक्य जो प्रधान उपवाक्य के संज्ञा की विशेषता को प्रकट करें उसे विशेषण उपवाक्य कहा जाता है इसमें आपको जो, जैसे, जितना आदि शब्दों देखने को मिल जाएंगे। 

क्रिया विशेषण उपवाक्य : वह आश्रित उपवाक्य जो प्रधान उपवाक्य की क्रिया की विशेषता को प्रकट करते हैं उसे प्रकट करने वाले आश्रित उपवाक्य को क्रिया विशेषण उपवाक्य कहते हैं इस क्रिया विशेषण उपवाक्य में जहां, जिधर, जब शब्द का उपयोग पढ़ने को मिलेगा। 

क्रिया विशेषण उपवाक्य के भेद

  1. कालसूचक उपवाक्य
  2. स्थानवाचक उपवाक्य
  3. रीतिवाचक उपवाक्य
  4. परिमाणवाचक उपवाक्य
  5. परिणाम अथवा हेतुसूचक उपवाक्य

Examples Of Upvakya In Hindi – उपवाक्य के उदाहरण

  1. मैं शादी में नहीं जाऊंगा, क्योंकि मैं गांव जा रहा हूं
  2. यह वह लड़का है, जिसे मैं सड़क पर देखा था
  3. मुझे नहीं पता, कि वह कहां से आया
  4. मैं दूध नहीं पियूंगा, क्योंकि मेरा पेट भरा है
  5. जिसे शहर जाना है वह राम के साथ जा सकता है

Conclusion : Upvakya वाक्य से निकाल कर आता है जिसमें आपको उद्देश्य और विधेय पढ़ने को मिलते हैं उपवाक्य वाक्य से ही बनते हैं यहां पर आप Upvakya विषय से जुड़ी सभी जानकारी पढ़ सकते हैं जो आपको प्रतियोगी परीक्षाओं में काम आएंगे। 

FAQs About Upvakya In Hindi

Q1. उपवाक्य क्या है?

Ans : जिसमें वाक्य का अंश होता है और उसमें उद्देश्य और विधेय सम्मिलित हो ऐसे पदों के समूह को उपवाक्य कहते हैं। 

Q2. उपवाक्य कितने प्रकार के होते हैं ?

Ans : उपवाक्य दो प्रकार के होते हैं :

  • प्रधान उपवाक्य
  • आश्रित उपवाक्य

Q3. उपवाक्य के कितने अंग होते हैं ?

Ans : उपवाक्य के दो अंग होते हैं उद्देश्य और विधेय। 

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