Visarg Sandhi Kise Kahate Hain – विसर्ग सन्धि की परिभाषा, भेद और उदाहरण 

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Visarg Sandhi In Hindi – आज यहां पर हम पढ़ने वाले हैं Visarg Sandhi के बारे में, जो छात्र नहीं जानते कि Visarg Sandhi क्या होते है वह इस पेज के माध्यम से जिसका नाम है Visarg Sandhi In Hindi पर पढ़ सकते हैं Visarg Sandhi Kise Kahate Hain, Visarg Sandhi कितने प्रकार की होती है और Visarg Sandhi के नियम क्या है। 

Definition Of Visarg Sandhi In Hindi – विसर्ग सन्धि की परिभाषा

जब हम कोई संधि करते हैं तब भी स्वर के साथ जो व्यंजन और स्वर आते हैं और उनके परिवर्तन से जो बनता है वह Visarg Sandhi कहलाता है। 

हम सरल शब्दों में कह सकते हैं जब व्यंजन के वर्ण से कोई मेल होने से कोई विकार पैदा होता है वह संधि होता है। 

Types Of Visarg Sandhi In Hindi – विसर्ग सन्धि के भेद

Visarg Sandhi के तीन भेद होते हैं :

1. सत्व संधि

3. रुत्व संधि

4. उत्व संधि

सत्व संधि : यह वह संधि होती है जब किसी पद के आखिरी में अ स्वर के अलावा कोई दूसरा स्वर आता है और उसके बाद विसर्ग आता है तो उसे सत्व संधि कहते हैं

उदाहरण के लिए : पुर: + कारः = पुरस्कारः

रुत्व संधि : यदि विसर्ग के पहले व्यंजन या तो स्वर आता है और उसके बाद में व्यंजन के अक्षर होते हैं तो उसे रुत्व संधि कहते हैं। 

उदाहरण के लिए : यजु: + वेद = यजुर्वेदः

उत्व संधि : उत्व संधि के पहले पद से पूर्व यानी पहले यकृत होता है और वर्ग के बाद कोई भी स्वर जो चौथे और तीसरे स्थान पर हो उसे उत्व संधि कहते है। 

उदाहरण के लिए : कः + अत्र = कोऽत्र

Examples Of Visarg Sandhi In Hindi – विसर्ग सन्धि के उदाहरण

Conclusion : संधि करते समय व्यंजन या स्वर आने से जब भी कोई विकार में परिवर्तन आता है या विकार उत्पन्न होता है तो उसे Visarg Sandhi कहा जाता है Visarg Sandhi के कुल 13 नियम होते हैं जो Visarg Sandhi को समझने में मदद करते हैं। 

FAQs About Visarg Sandhi  In Hindi

Q1. विसर्ग सन्धि क्या होते हैं ?

Ans :विसर्ग सन्धि में व्यंजन वर्ण या स्वर के बाद आने वाले परिवर्तन विसर्ग सन्धि कहते है। 

Q2.विसर्ग सन्धि कितने प्रकार के होते है ?

Ans : विसर्ग सन्धि तीन प्रकार की होती है :

1. सत्व संधि

3. रुत्व संधि

4. उत्व संधि

Q3. विसर्ग सन्धि के उदाहरण बताइए ?

Ans : यशः + दा = यशोदा

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