Arthantarnyas Alankar Kise Kahate Hain – अर्थान्तरन्यास अलंकार की परिभाषा, भेद और उदाहरण 

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Arthantarnyas Alankar In Hindi – आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से Arthantarnyas Alankar के बारे में विस्तार में पढ़ने वाले हैं Arthantarnyas Alankar Kise Kahate Hain, Arthantarnyas Alankar Ke Prakar, Arthantarnyas Alankar Ke Udaharan. Arthantarnyas Alankar विषय के ऊपर सभी जानकारी यहां पर बताई गई है जो छात्रों के लिए काफी उपयोगी है। 

Definition Of Arthantarnyas Alankar In Hindi – अर्थान्तरन्यास अलंकार की परिभाषा

जब किसी अलंकार में विशेष कथन को सामान्य कथन से और सामान्य कथन को विशेष कथन के साथ समर्थन किया जाए तो वह Arthantarnyas Alankar होते हैं। इस अलंकार के अंतर्गत विशेष कथन और सामान्य कथन का समर्थन का प्रभाव दिखाई देता है। 

Examples Of Arthantarnyas Alankar In Hindi – अर्थान्तरन्यास अलंकार के उदाहर

1.कारन ते कारज कठिन, होय दोष नहिं मोर ।

कुलिष अस्थि ते उपल तें, लोह कराल कठोर ।।

2.जो नसीम उत्तम प्रकृति का करि सकत कुसंग।

चन्दन विष व्यापत नहीं लपटे रहत भुजंग।।

3.कुसंगति बढ़िया प्रकृति वालों का कुछ नहीं बिगाड़ सकती।

Conclusion : हम उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा शेयर किया गया यह Arthantarnyas Alankar In Hindi पोस्ट जिसका नाम है Arthantarnyas Alankar Kise Kahate Hain पर अर्थान्तरन्यास विषय के बारे में सभी जानकारी जैसे परिभाषा, भेद उदाहरण बताए गए हैं। 

FAQs About Arthantarnyas Alankar In Hindi

Q1.अर्थान्तरन्यास अलंकार की परिभाषा बताइए ?

Ans : जब कोई कथन विशेष कथन और सामान्य कथन और सामान्य कथन को विशेष कथन में समर्थित किया जाए, तो वह अर्थान्तरन्यास अलंकार कहलाता है। 

Q2.अर्थान्तरन्यास अलंकार किस अलंकार का भेद है ?

Ans :अर्थान्तरन्यास अलंकार अर्थालंकार का भेद है। 

Q3.अर्थान्तरन्यास अलंकार का उदाहरण बताइए ?

Ans : बड़े न हूजे गुनन बिनु,

बिरद बडाई पाए।

कहत धतूरे सों कनक,

गहनो गढ़ो न जाए।।

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