विराम चिन्ह – परिभाषा, प्रकार, प्रयोग, उदाहरण

आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे की विराम चिन्ह किसे कहते है एवं इसके प्रकार कितने है। विराम चिन्ह का अर्थ होता है रुकना या ठहरना, हमारे द्वारा विभित्र भावों को प्रकट करने के लिए जो वाक्य लिखे जाते है, इसका प्रयोग वाक्यों के बीच में या अंत में किया जाता है, विराम चिन्ह कहलाता है। व्याकरण के अनुसार विराम चिन्हों को अनेक प्रकारों में विभाजित किया गया है। इसलिए हमें विराम चिन्ह क्या है इसके बारे में समझना चाहिए। आज का हमारा यह आर्टिकल आपको यह अच्छे से समझाएगा की विराम चिन्ह क्या है एवं इसके प्रकार कितने है। 

विराम चिन्ह क्या है एवं इसके प्रकार के बारे में इस आर्टिकल में हम पूरी जानकारी देने का प्रयास करेंगे. हमें उम्मीद है की हमारी यह मेहनत आपको पसंद आएगी। हम स्कुल टाइम से ही विराम चिन्हं एंव व्याकरण के बारें में पढ़ते आ रहे है। फिर भी अनेक ऐसे पॉइंट्स है जो हमें विराम चिन्ह या व्याकरण के समझ नहीं आते हैं. हम उन्ही पॉइंट्स को यहाँ पर समझाने की एक मात्र कोशिश कर रहे हैं। आइये जानते है विराम चिन्ह क्या है एवं इसके प्रकार कितने है – 

विराम चिन्ह की परिभाषा 

विराम का शाब्दिक अर्थ होता है ‘‘ रुकना या ठहरना ’’, कोई भी वक्त अपने भावों व अपने मन के विचारों को लिखते समय या व्यक्त करते है वक्ता के बीच में या अंत में उपयोग करता है, या बोलते समय कभी – कभी साँस लेने के लिए ठहरता है, उसे ही विराम कहते है। ऐसे ही हम जो भी लिखते है उसमें विराम शब्दों की आवश्यकता होती है।

विराम शब्दों के भेद

हिंदी व्याकरण में विराम चिन्हों की संख्या 20 मानी गई है, जिसका वर्णन आगे बताया गया है। 

  1. पूर्ण विराम (। ) :- इस शब्द को पूर्ण विराम कहा जाता है। यह विराम चिन्ह किसी भी वाक्य के पीछे गाया जाता है जिसका अर्थ होता है वाक्य का समापन। प्रश्न वाक्य या विस्मयादि वाक्यों को छोड़कर सभी प्रकार के वाक्यों के पीछे इस विराम का चिन्ह का प्रयोग किया जाता है। इसके उदाहरण कुछ इस प्रकार है –
    1. मैने लेख लिख दिया है। 
    2. यह वाक्य सही व शुद्ध है। 
    3. आपको किसी भी बात की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। 
  2. अर्द्ध विराम ( ; ) :- इस चिन्ह का इस्तेमाल वाक्यों के बीच में हल्के रूप में किया जाता है। अगर किसी वाक्य के बीच में कुछ ठहराव देने की जरूरत है। इस चिन्ह से वाक्य पूरा नहीं होता है ऐसे में उस वाक्य के बीच में हल्का चिन्ह लगाया जाता है। इस प्रकार के वाक्यों कुछ उदाहरण निम्न है –
    1. यह लेख ठीक है ; पर इसमें कुछ और अच्छा करने की जरूरत है। 
    2. आपका नाम ठीक है ; पर इसको और छोटा करने की जरूरत है। 
  3. अल्प विराम ( , ) – इस प्रकार के चिन्ह का प्रयोग उस समय किया जाता है जहां वाक्य में कुछ ही देर के लिए रूकना हो। ऐसे वाक्यों के कुछ उदाहरण निम्न है।
    1. अरे, क्या लेख लिखा है। 
    2. हा, लेख तो वास्तव में ठीक लिखा है। 
  4. प्रश्न चिन्ह ( ? ) – यह प्रश्नवाचक चिह्न से वाक्य के पीछे लगाया जाता है जिसमें प्रश्न का भाव हो। इस प्रकार के कुछ उदाहरण निम्न है –
    1. क्या यह लेख आपने लिखा है ?
    2. इस लेख को किस भाषा में लिया गया है ?
  5. आश्चर्य चिन्ह ( ! ) – यह आश्चर्य चिन्ह ऐसे शब्दों के पीछे लगाया जाता है जिसमें कुछ आश्चर्य वाचक भाव हो। इस प्रकार के कुछ उदाहरण निम्न है –
    1. वाह! क्या लेख लिखा है।
    2. वाह! यह हिन्दी भाषा में लिखा गया है।
  6. निर्देशक चिन्ह ( – ) – यह एक निर्देशक चिन्ह होता है। इस चिन्ह को किसी भी वाक्य में इस उद्देश्य से लगाया जाता है ताकि उस वाक्य से अन्य शब्द को निर्देशित किया जा सके। इस वाक्य के कुछ उदाहरण निम्न है –
    1. लेखक ने कहा – यह हिन्दी भाषा में लिखा गया अच्छा लेख है। 
    2. पढने वाले शख्स ने कहा – यह एक अच्छा लेख है। 
  7. कोष्ठक – ( { }, ( ), [ ] ) – इस विराम चिन्ह का प्रयोग किसी भी शब्द को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है। अगर किसी शब्द के दो अर्थ है तो उस स्थिति में इन कोष्ठक का उपयोग किया जाता है। लघु कोष्ठक ( ) , मझला कोष्ठक { } , दीर्घ कोष्ठक [ ]
    1. इस लेख को कुछ दिन पहले ( 25 अप्रैल 2021, रविवार ) को लिखा गया था। 
    2.  इस लेख को कुछ दिन पहले ( 26 अप्रैल 2021, रविवार ) को इंटरनेट पर डाला गया था। 
  8. अवतरण चिन्ह ( ‘ ’ “ ”)  – किसी वाक्य या शब्द पर विशेष जोर देने के लिए इस शब्द का प्रयोग किया जाता है। इसके कुछ उदाहरण आगे बताये गये है।
    1. इस लेख को ‘‘ हिंदी ’’ भाषा में लिखा गया है। 
    2. इस लेख में ‘‘ व्याकरण ’’ के बारे में बताया गया है। 
  9. अपूर्ण विराम ( : ) – किसी भी शब्द को अलग दर्शाने के लिए इस चिन्ह का प्रयोग किया जाता है। जैसे –
    1. लेख: स्पष्ट रूप में लिखा है। 
    2. हिंदी: हमारी मातृभाषा है। 
  10. विवरण चिन्ह ( :- ) – इस प्रकार के चिन्हों का प्रयोग विवरण बताने के लिए किया जाता है। जैसे –
    1. कृपया लॉकडाउन की गाइडलाइन का पालन करे – 
    2. हमें इस बात पर गर्व है की आप इस बात को मानेंगे – 
  11. पुनरुक्ति चिन्ह ( ,, ) – किसी भी शब्द को रिक्त बताने या दोबारा बोलने के लिए इस विराम चिन्ह का प्रयोग किया जाता है। जैसे –
    1. हमारे पास 100 रुपये है। आपके पास भी ,, रुपया है। 
  12. लाघव चिन्ह ( ॰ ) – किसी भी शब्द का संक्षिप्त रूप लिखने के लिए इस विराम चिन्ह का प्रयोग होता है। जैसे –
    1. डॉक्टर का संक्षिप्त रूप डाॅ
    2. लेखक का संक्षिप्त रूप ले
  13. लोप चिन्ह ( …. ) – यह ऐसा चिन्ह होता है जब आप किसी अनुच्छेद को छोड़कर किसी शब्द का लोप लिखते है तो इसका प्रयोग होता है। जैसे –
    1. मै लेकर आता हूँ ………….. 
    2. मेरा नाम लेकर आजा ………..
  14. दीर्घ उच्चारण चिन्ह (  )  – किसी भी वाक्य में ऐसे शब्द जिनके उच्चारण में अन्य शब्दों की अपेक्षा ज्यादा समय लगता है तो वह दीर्घ उच्चारण की श्रेणी में आता है। जैसे –
    1. देखत भृगुपति बेषु कराला। 
  15. त्रुटि पद विराम चिन्ह ( ) – किसी भी वाक्य में त्रुटिवश कोई शब्द छुट जाता है जो उस स्थिति में इस चिन्ह के आधार पर उस त्रुटि को सुधारा जा सकता है। जैसे –
    1. मै कल ( ^ ) दिल्ली जाउंगा। 
  16. तुल्यता सूचक ( = ) – किसी भी शब्दों की बराबरी के बारे में बताने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। जैसे
    1. 5 और 10 = 15
    2. 10 और 25 = 35
  17. समाप्ति सूचक ( – – )  – किसी भी बडे लेख या कहानी को समाप्ति के तौर पर बताने के लिए इस चिन्ह का प्रयोग किया जाता है – 
  18. टीका सूचक (  *, +, +, 2 )  – 
  19. पाद बिन्दु – ( ÷ ) 

यह हिंदी के कुछ मुख्य विराम चिन्ह है। 

निष्कर्ष

यहाँ हमने विराम चिन्ह क्या है एवं उसके सभी प्रकारों की जानकारी दी है, अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा है तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें. अगर विराम चिन्हों से जुड़ा किसी भी तरह का प्रश्न है तो आप यहाँ कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। हमें उम्मीद है की आप हमारी इस मेहनत को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करेंगे।

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